महिमा ज्योतिर्लिंगों की..

भगवान शिव हिन्दू धर्म के सबसे महत्वपुर्ण देवता है. शिव सृष्टि के अंत और आरंभ का स्त्रोत है शिव को अनेकों नाम से जाना जाता है. भोलेनाथ, महादेव,रूद्र,शंकर. शिव को संहार का देवता कहा जाता है. श्रावण मास शिव की पूजा के लिए विशेष समय है.

वैसे तो शिव कल्याणकारी है पर साथ ही शिव को लय और प्रलय दोनों का देव माना जाता है. शिव की लिंग और मूर्ति दोनों रूपों में पूजा की जाती है. भारत में शिव के बहुत से मंदिर है जिनमें कुछ बहुत ही प्रसिद्ध और मान्यता प्राप्त है.इन मंदिरों में भी द्वादश ज्योतिर्लिंगों का महातम्य सबसे अधिक है.

इन ज्योतिर्लिंगों के बारे में कहा जाता है कि ये वो स्थान है जहाँ शिव स्वयं प्रकट हुए थे और इनके दर्शन से सब कष्ट दूर हो जाते है.

चलिए आज आपको बताते है महिमा ज्योतिर्लिंगों की..

1. सोमनाथ

Somnath_Temple2

सोमनाथ मंदिर एक महत्वपूर्ण हिन्दू मंदिर है जिसकी गिनती 12 ज्योतिर्लिंगों में होती है । गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के वेरावल बंदरगाह में स्थित इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण स्वयं चन्द्रदेव ने किया था। इसका उल्लेख ऋग्वेद में भी मिलता है। इसे अब तक 17 बार नष्ट किया गया है और हर बार इसका पुनर्निर्माण किया गया ।

ऐसी मान्यता है कि श्रीकृष्ण भालुका तीर्थ पर विश्राम कर रहे थे। तब ही शिकारी ने उनके पैर के तलुए में पद्मचिन्ह को हिरण की आंख जानकर धोखे में तीर मारा था। तब ही कृष्ण ने देह त्यागकर यहीं से वैकुंठ गमन किया। इस स्थान पर बडा ही सुन्दर कृष्ण मंदिर बना हुआ है।

2. मल्लिकार्जुन

mallikarjuntemple

आंध्रप्रदेश में कृष्णा नदी के तट पर दक्षिण का कैलास कहे जाने वाले श्रीशैलपर्वत पर श्रीमल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग स्थित है। महाभारत, शिवपुराण तथा पद्मपुराण आदि धर्मग्रंथों में इसकी महिमा और महत्ता का विस्तार से वर्णन किया गया है।

कथा यह भी कही जाती है- इस शैल पर्वत के निकट किसी समय राजा चंद्रगुप्त की राजधानी थी। किसी विपत्ति विशेष के निवारणार्थ उनकी एक कन्या महल से निकलकर इस पर्वतराज के आश्रम में आकर यहाँ के गोपों के साथ रहने लगी। उस कन्या के पास एक बड़ी ही शुभ लक्षरा सुंदर श्यामा गौ थी। उस गौ का दूध रात में कोई चोरी से दुह ले जाता था। एक दिन संयोगवश उस राजकन्या ने चोर को दूध दुहते देख लिया और क्रुद्ध होकर उस चोर की ओर दौड़ी, किंतु गौ के पास पहुँचकर उसने देखा कि वहाँ शिवलिंग के अतिरिक्त और कुछ नहीं है। राजकुमारी ने कुछ समय पश्चात उस शिवलिंग पर एक विशाल मंदिर का निर्माण कराया। यही शिवलिंग मल्लिकार्जुन के नाम से प्रसिद्ध है। शिवरात्रि के पर्व पर यहाँ बहुत बड़ा मेला लगता है।

3. महाकालेश्वर

mahakaleshwartemple

महाकालेश्वर मंदिर भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मध्यप्रदेश राज्य के उज्जैन नगर में स्थित, महाकालेश्वर भगवान का प्रमुख मंदिर है।पुराणों, महाभारत और कालिदास जैसे महाकवियों की रचनाओं में इस मंदिर का मनोहर वर्णन मिलता है। स्वयंभू, भव्य और दक्षिणमुखी होने के कारण महाकालेश्वर महादेव की अत्यन्त पुण्यदायी महत्ता है। इसके दर्शन मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है, ऐसी मान्यता है। महाकवि कालिदास ने मेघदूत में उज्जयिनी की चर्चा करते हुए इस मंदिर की प्रशंसा की है।  १२३५ ई. में इल्तुत्मिश के द्वारा इस प्राचीन मंदिर का विध्वंस किए जाने के बाद से यहां जो भी शासक रहे, उन्होंने इस मंदिर के जीर्णोद्धार और सौन्दर्यीकरण की ओर विशेष ध्यान दिया, इसीलिए मंदिर अपने वर्तमान स्वरूप को प्राप्त कर सका है। प्रतिवर्ष और सिंहस्थ के पूर्व इस मंदिर को सुसज्जित किया जाता है।

4. ओंकारेश्वर

Omkareshwartemple

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध शहर इंदौर के समीप स्थित है। यह शिवजी का चौथा प्रमुख ज्योतिर्लिंग कहलाता है। ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग के दो रुपों ओंकारेश्वर और ममलेश्वर की पूजा की जाती है। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ज्योतिर्लिंग को शिव महापुराण में ‘परमेश्वर लिंग’ कहा गया है।

यहाँ नर्मदा पर एक बाँध भी बना है। बांध के पास से ही पानी की दो धाराएँ बन जाती हैं- एक तो नर्मदा व दूसरी कावेरी। बाद में ये मिल जाती हैं जिसे संगम कहते हैं। दोनों नदियों के बीच में ॐ आकार का पर्वत है। इसी पर ओमकारेश्वर स्थित है। इस ॐ पर्वत की परिक्रमा भी की जाती है। परिक्रमा सात किलोमीटर की है। परिक्रमा मार्ग में खेडापति हनुमान, नर्मदा-कावेरी संगम, गौरी सोमनाथ, राजा मुचकुंद का किला, चाँद-सूरज द्वार, सिद्धनाथ बारहद्वारी, गायत्री मंदिर और राजमहल आते हैं।

5. केदारनाथ

kedarnathtemple

गिरिराज हिमालय की केदार नामक चोटी पर स्थित है देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में सर्वोच्च केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग। केदारनाथ धाम और मंदिर तीन तरफ पहाड़ों से घिरा है। एक तरफ है करीब 22 हजार फुट ऊंचा केदारनाथ, दूसरी तरफ है 21 हजार 600 फुट ऊंचा खर्चकुंड और तीसरी तरफ है 22 हजार 700 फुट ऊंचा भरतकुंड। न सिर्फ तीन पहाड़ बल्कि पांच ‍नदियों का संगम भी है यहां- मं‍दाकिनी, मधुगंगा, क्षीरगंगा, सरस्वती और स्वर्णगौरी। इन नदियों में से कुछ का अब अस्तित्व नहीं रहा लेकिन अलकनंदा की सहायक मंदाकिनी आज भी मौजूद है। इसी के किनारे है केदारेश्वर धाम। यहां सर्दियों में भारी बर्फ और बारिश में जबरदस्त पानी रहता है।

6. भीमाशंकर

Bhimashankartemple

असम प्रान्त के कामरूप जनपद में ब्रह्मरूप पहाड़ी पर स्थित है।  वर्तमान में यह महाराष्ट्र में स्थित है। नासिक से करीब 120 मील दूर भीमा पर्वत पर ये मंदिर है. कुछ लोगों का मानना है कि भीमाशंकर का स्थान गुवहाटी है वहीँ कुछ का मानना है की भीमाशंकर का स्थान नैनीताल के पास है.कहते हैं जो भी मनुष्य प्रतिदिन प्रातः काल उठकर इस ज्योतिर्लिंग से सम्बन्धित श्लोकों का पाठ करता हुआ शिवलिंग का ध्यान करता है, उसके सात जन्मों तक के पाप नष्ट हो जाते हैं।

भीमशंकर महादेव काशीपुर में भगवान शिव का प्रसिद्ध मंदिर और तीर्थ स्थान है। यहां का शिवलिंग काफी मोटा है जिसके कारण इन्हें मोटेश्वर महादेव भी कहा जाता है। पुराणों में भी इसका वर्णन मिलता है। आसाम में शिव के द्वाद्श ज्योर्तिलिगों में एक भीमशंकर महादेव का मंदिर है। काशीपुर के मंदिर का उन्हीं का रूप बताया जाता है।

7. काशी विश्वनाथ

kashivishwanathtemple
विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग भारत के 12 ज्योतिर्लिंगो में से एक ज्योतिर्लिंग है. यह ज्योतिर्लिंग उत्तर प्रदेश के काशी नामक स्थान में है. काशी सभी धर्म स्थलों में सबसे अधिक महत्व रखती है. सभी धर्म स्थलों में काशी का अत्यधिक महत्व कहा गया हैकहते हैं, काशी तीनों लोकों में न्यारी नगरी है, जो भगवान शिव के त्रिशूल पर विराजती है। इसे आनन्दवन, आनन्दकानन, अविमुक्त क्षेत्र तथा काशी आदि अनेक नामों से स्मरण किया गया है। काशी साक्षात सर्वतीर्थमयी, सर्वसन्तापहरिणी तथा मुक्तिदायिनी नगरी है। निराकर महेश्वर ही यहाँ भोलानाथ श्री विश्वनाथ के रूप में साक्षात अवस्थित हैं।. इस स्थान की मान्यता है, कि यह स्थान सदैव बना रहेगा. अगर कभी इस पृ्थ्वी पर किसी तरह की कोई प्रलय आती भी है, तो इसकी रक्षा के लिए भगवान शिव इस स्थान को अपने त्रिशूल पर धारण कर लेगें. और प्रलय के टल जाने पर काशी को इसके स्थान पर रख देगें. 

8. त्रयम्बकेश्वर

Trimbakeshwartemple
 महाराष्ट्र में स्थित ये दूसरा ज्योतिर्लिंग है नासिक के पास पंचवटी से 18 मील दूर ये ज्योतिर्लिंग गोदावरी के उद्गम स्थल पर है. यहाँ भी बहुत से श्रद्धालु हर वर्ष आते है.

9. वैद्यनाथ

vaidyanathtemple

वैद्यनाथ मन्दिर, देवघर  द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक ज्‍योतिर्लिंग का पुराणकालीन मन्दिर है जो भारतवर्ष के राज्य झारखंड में अतिप्रसिद्ध देवघर नामक स्‍थान पर अवस्थित है। पवित्र तीर्थ होने के कारण लोग इसे वैद्यनाथ धाम भी कहते हैं। जहाँ पर यह मन्दिर स्थित है उस स्थान को “देवघर” अर्थात देवताओं का घर कहते हैं। बैद्यनाथ ज्‍योतिर्लिंग स्थित होने के कारण इस स्‍थान को देवघर नाम मिला है। यह ज्‍योतिर्लिंग एक सिद्धपीठ है। कहा जाता है कि यहाँ पर आने वालों की सारी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। इस कारण इस लिंग को “कामना लिंग” भी कहा जाता हैं।

10. नागेश्वर

Nageshwartemple

वैसे तो नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात में है. पर अलग अलग ग्रंथों और अलग अलग लोगों के अनुसार इस ज्योतिर्लिंग का स्थान भिन्न भिन्न मानते है. कुछ लोग आंध्रप्रदेश में इसका स्थान मानते है तो वहीँ कुछ लोगों का मानना है कि इस ज्योतिर्लिंग का स्थान अल्मोड़ के पास स्थित है.

11. रामेश्वर

rameshwartemple2

तमिलनाडु स्थित ये ज्योतिर्लिंग विश्वप्रसिद्ध है. इस मंदिर का गलियारा विश्व का सबसे बाद गलियारा है. समुद्र तट पर बने इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि श्री राम ने लंका पर चढ़ाई करने से पहले इस लिंग की स्थापना करके विजयी होने का आशीर्वाद प्राप्त किया था

12. घ्रिष्नेश्वर

Grishneshwartemple

महाराष्ट्र के औरंगाबाद ज़िले में एल्लोरा की गुफाओं में स्थित ये ज्योतिलिंग ना सिर्फ एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है अपितु ये एक बहुत ही प्रसिद्ध पर्यटक स्थल भी है.

शिव की कृपा सब पर बरसे,हर हर महादेव

Taken from: http://hindi.insistpost.com/12-jyotirlings/

સ્વયંની સાથે સાથે...

Prashant Pandya View All →

I am a full-stack engineer whose passion lies in building great products while enabling others to perform their roles more effectively. I have architect and built horizontally scalable back-ends; distributed RESTful API services; and web-based front-ends with modern, highly interactive Ajax UIs.

I deal with:

Techniques
Web applications
Distributed architecture
Parsers, compilers
Mobile First, Responsive design
Test-driven development

Using technologies :

+ASP.NET,C#,VB.NET,C++,MS SQL,ADO.NET,WCF ,MVC,Web API
+Java, JAX-RS, JavaScript, Node.js
+Ajax, JSON, HTML5, CSS3
+Mac OS X, Linux, Windows
+Android,iOS
+PhoneGap

My Qualities ,I believe :

Self-directed and passionate
Meticulous yet pragmatic
Leadership skills, integrity

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: