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Who is dear to GOD?

ESK_090

The one who remains the same towards friend or foe, in honor or disgrace, in heat or cold, in pleasure or pain; who is free from attachment; who is indifferent to censure or praise; who is quiet, and content with whatever he or she has; unattached to a place, a country, or a house; equanimous(even-tempered), and full of devotion that person is dear to GOD(Almighty).

समः शत्रौ च मित्रे च तथा मानापमानयोः ।
शीतोष्णसुखदुःखेषु समः सङ्गविवर्जितः ॥
तुल्यनिन्दास्तुतिर्मौनी सन्तुष्टो येन केनचित् ।
अनिकेतः स्थिरमतिर्भक्तिमान्मे प्रियो नरः ॥

जो शत्रु और मित्र के प्रति समान है, तथा मान और अपमान में भी एक सा है, जिसके लिये सरदी गरमी एक हैं, और जो सुख और दुख में एक सा है, हर प्रकार से संग रहित है। जो अपनी निन्दा और स्तुति को एक सा भाव देता है (एक सा मानता है), जो मौनी है, किसी भी तरह (थोड़े बहुत में) संतुष्ट है, घर बार की चिंता से अनासक्त है। जो स्थिर मति है, ऍसा व्यक्ति सर्जनहार को प्रिय है।

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